IAS Sameer Vishnoi Biography| कौन है आईएएस समीर विश्नोई

 IAS Sameer Vishnoi Biography| कौन है आईएएस समीर विश्नोई  

IAS Sameer Vishnoi Biography| कौन है आईएएस समीर विश्नोई



विश्नोई समाज के दैदीप्यमान नक्षत्र 'समीर' कानपुर में जन्मे। पिताजी उच्च स्तरीय शासकीय अधिकारी रहे हैं, तो माताजी शिक्षाविद् भी। अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा ख्यातनाम Sheiling House School कानपुर से सर्वोत्कृष्ट शैक्षिक रिकॉर्ड के साथ पूर्ण कीं। प्रतिवर्ष Topper भी रहे। उच्चशिक्षार्थ I.I.T Kanpur में दाखिला। इस विश्वप्रसिद्ध प्रबंधन संस्थान से B.Tech (Civil Engeering) में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। I.I.T Kanpur अध्ययन के दौरान अनेक उत्कृष्ट उपलब्धियाँ अर्जित कीं। वर्ष 2002 में रोबोट तकनीक पर शोध कर परिष्कृत व आधुनिकतम रोबोट (कृत्रिम मानव) तैयार किया। इस मॉडल को रोबोट प्रदर्शनी में प्रथम स्थान मिला। संस्थान के तत्वावधान व समीर के दक्ष नेतृत्व में, वर्ष 2003 में अंतरराष्ट्रीय स्तर की ACM-IPCC कांफ्रेंस का अद्वितीय आयोजन किया। उनकी नेतृत्व क्षमता व मार्गदर्शन कौशल का लोहा, मुंबई स्थित वृहदाकार ओबेराय कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भी माना। इनके सुझाव ओबेराय कंपनी के नीति-निर्धारक भी बने। अगले ही वर्ष 2006 में समीर ने विश्वपटल की सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक समिति "रॉयल सोसाइटी-लंदन" से प्रशस्ति प्राप्त की। समीर के शोधपत्र “Aerosoles in Atmosphere” को रॉयल सोसाइटी की त्रैमासिक पत्रिका "Journals-QJRMS“ ने प्रकाशित किया। ज्ञातव्य है कि उक्त पत्रिका में लेखकीय स्थान प्राप्त करने हेतु नोबल विजेता वैज्ञानिक भी सदैव उत्सुक व लालायित रहे हैं । इसके अतिरिक्त I.I.T अध्येता के रूप में समीर ने, संस्थान के NGO "प्रयास" के द्वारा वंचित वर्गो के उत्थान व विज्ञान शिक्षण में अनेक लोकहितकारी कार्यों को अंजाम दिया। B.Tech. उपाधि प्राप्त करने के पश्चात उन्हें उच्च अध्ययन व शोधकार्य हेतु अनेक प्रतिष्टित विश्वविद्यालयों से आमंत्रण मिला, जिनमें USA की प्रिन्सटन, स्टेनफोर्ड व शिकागो वि.वि तथा UK की कैम्ब्रिज व रीडिंग विश्वविद्यालय के आकर्षक प्रस्ताव थे। इसी दौरान विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने, उन्हें करोड़ों के वार्षिक पैकेज पर सेवा देने के लुभावने प्रस्ताव दिए। पर कंपनियों की धनवर्षा से अप्रभावित रहते हुए, समीर ने देशसेवा को लक्ष्य बनाना संगत समझा।

B.Tech की सर्वोत्कृष्ट स्वर्णमयी उपलब्धि के बाद, समीर स्वदेश में तेल क्षेत्र की एक कंपनी में नियुक्त हुए। तेल विपणन कंपनी में सेवारत रहते ही, वे UPSC-2009 की प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित हुए।  भारतवर्ष के कठिनतम बौद्धिक इम्तहान में, प्रथम प्रयास से ही सर्वोच्च सेवा IAS में प्रवेश पाने वाले, संभवत: वे प्रथम बिश्नोई युवा हैं। 2009-10 में मसूरी स्थित IAS अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर, छत्तीसगढ़ कैडर में नियुक्त हुए।

यह समीर की प्रतिभा और नेतृत्वक्षमता की प्रसिद्धि ही थी कि, मुख्यमंत्री श्री रमन सिंह ने अतिशय रुचि प्रदर्शित करते हुए, उनका पदस्थापन वर्ष-2011 अपने ही गृहजिले राजानंदगाँव में किया। नक्सल समस्या से जूझ रहे बस्तर क्षेत्र को, वर्ष 2012 में नया, उत्साही, दबंग, सक्रिय और उर्जावान जिलाधिकारी मिला –“समीर बिश्नोई”। तब से लेकर वर्तमान तक, जोश और जुनून से जुटे हैं समीर, नक्सलवाद पर लगाम कसने हेतु । उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ ढाँचा खड़ा किया है। विकास, जनजागृति और शिक्षा-प्रसार से नक्सल आतंक का भय क्रमश: क्षीणतर हो रहा है। खूँखार नक्सली सरगनाओं द्वारा समर्पण के मामले बढे है।

शीर्ष संघीय प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्हें कई बार राष्ट्रीय पुरस्कार व प्रशंसा पर भी प्राप्त हुए हैं। 

2013-14 में समीर को मनरेगा (भारतवर्ष में प्रथम आदर्श जिला) का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। 

इसके अतिरिक्त वर्ष 2014 में PMO द्वारा ग्राम्यविकास क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य संपादन हेतु प्रशंसा पत्र तथा वर्ष 2015 में केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रभावी नक्सल प्रतिरोध हेतु प्रशंसा पत्र शामिल हैं।

सरल, सौम्य और मृदुल स्वभाव के धनी समीर ने, संपूर्ण राज्य में लोकहितकारी कार्यों से, जनसामान्य में विशिष्ट पैठ बनाई है । और दबंग व प्रजावत्सल प्रशासक की छवि भी । उर्जावान समीर, अनवरत ही उन्नति पथ पर अग्रसर हैं । .........साधुवाद समीर ! आप समाज के युवावृंद की प्रेरणा व प्रदीप्त प्रकाश पुञ्ज हैं । सचमुच ही आप "समाज रत्न" हैं । समग्र विश्नोई समुदाय को नाज है...आप पर...!


ShankarBishnoi  (फलोदी)

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