बिश्नोई स्थापना दिवस : धामपुर में जाम्भाणी यज्ञ (शब्दवाणी) के साथ मनाया स्थापना पर्व

 बिश्नोई स्थापना दिवस : धामपुर में जाम्भाणी यज्ञ (शब्दवाणी) के साथ मनाया स्थापना पर्व

बिश्नोई स्थापना दिवस : धामपुर में जाम्भाणी यज्ञ (शब्दवाणी) के साथ मनाया स्थापना पर्व


बिश्नोई न्यूज़, धामपुर। शुक्रवार को 537 वें विश्नोई पंथ स्थापना दिवस के शुभावसर पर ग्राम मिर्जापुर, शेरकोट, धामपुर में आयोजित जम्भवाणी हरि कथा ज्ञानयज्ञ के समापन एवं स्थापना दिवस कार्यक्रम में समराथल धोरा राज. से पधारे स्वामी रामेश्वरानंद महाराज जी (अध्यक्ष श्री गुरु जम्भवाणी प्रचार संघ उत्तर प्रदेश), लोदीपुर धाम के महंत स्वामी शरणानंद जी व जाम्भा धाम के स्वामी अशोकानन्द जी व स्वामी बद्रीप्रसाद जी द्वारा सबदवाणी के 120 शब्दों का हवन यज्ञ मे कलश स्थापना कर पवित्र पाहल अभिमन्त्रित कर सभी विश्नोई भाई बन्धुओं से अपनी एक बुराई को छोड़कर एक अच्छाई को अपनाने का संकल्प दिलाते हुए, पाहल दिया। 

 स्वामी रामेश्वरानंद जी ने गुरु जम्भेश्वर भगवान द्वारा प्रतिपादित 29 नियमों एवं शिक्षाओं के मानव जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में संगठन के महामंत्री पीयूष विश्नोई जी ने कहा कि विश्नोई पंथ स्थापना दिवस पर्व प्रत्येक विश्नोई के जीवन में एक विशेष महत्व रखता है। क्योंकि इसी दिन गुरु महाराज जाम्भोजी जी ने अपने चाचा जी पूल्हो जी को समराथल धोरा पर कलश स्थापना कर पाहल द्वारा 29 नियमों की नियमावली का संकल्प दिलवाकर प्रथम विश्नोई बनाया। उसके बाद 36 बिरादरियों के लोगों को पाहल द्वारा संकल्पित कर विश्नोई बनाया। उन्होंने आगे कहा कि समाज किसी भी समाज का सर्वांगीण विकास व गरीबी का उन्मूलन तभी सम्भव है, जब उस समाज के सभी व्यक्ति शिक्षित हों अर्थात शिक्षा से ही समाज का सर्वांगीण विकास सम्भव है। हमें अपने समाज के मेधावी छात्र/छात्राओं को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करने हेतु प्रयास करना होगा।

दीपू विश्नोई द्वारा स्वामी जी को विष्णु भगवान का फोटो भेंटकर सम्मानित किया गया। जिसके लिए हमें एक विशाल शिक्षा अभियान चलाना होगा।

 कार्यक्रम के समापन पर समस्त ग्रामवासियों द्वारा विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष रूप से पूर्व ग्राम प्रधान प्रशांत विश्नोई , राकेश विश्नोई, राजीव विश्नोई, तरुण विश्नोई, दीपू विश्नोई, लक्षेन्द्र विश्नोई आदि समस्त ग्रामवासियों का योगदान रहा। कार्यक्रम में धामपुर, शेरकोट, भीकावाला, हाफिजाबाद, हरेवली, बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना, कोतवाली, काशीपुर, बढ़ापुर, मीरपुर , जसपुर इत्यादि स्थानों के श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।

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