प्रेरक कहानी: दिनेश कुमार विश्नोई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) में वैज्ञानिक पद पर चयनित हुए

 प्रेरक कहानी: दिनेश कुमार विश्नोई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) में वैज्ञानिक पद पर चयनित हुए

प्रेरक कहानी: दिनेश कुमार बिश्नोई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) में वैज्ञानिक पद चयनित हुए


भारतवर्ष के गांव में बसे लोगों ने देशभर के लिए अन्न उपजाया है और देश की सुरक्षा के लिए सैनिक पैदा किए हैं। लेकिन अब धीरे-धीरे ही सही गांव देहात के लोग देश का पेट भरने व रक्षा करने के अलावा प्रशासनिक, अनुसंधान और अन्य कार्यों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में शिक्षा के प्रसार का असर यह यह हुआ है कि अब ठेठ देहाती परिवेश से निकलकर युवा सफलता के नए मकाम हासिल कर रहे हैं। संघर्षों की भट्टी से तपकर निकले हुए ये युवा देश की प्रगति में अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं। आज हम आपको ठेठ गांव देहात के इन्हीं सफल युवाओं में से एक युवा दिनेश कुमार विश्नोई से रूबरू करवा रहे हैं। जिनका हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) में वैज्ञानिक के पद पर चयन हुआ है।

दिनेश कुमार विश्नोई : जीवन परिचय


25 वर्षीय दिनेश कुमार बिश्नोई का जन्म राजस्थान के बाड़मेर जिले के गुडामालानी में एक मध्यमवर्गीय शिक्षित परिवार में हुआ। इनके पिता श्री जगमाल राम बिश्नोई हिंदी के व्याख्याता व बड़ा भाई सुरेश कुमार भी राजनीति विज्ञान के व्याख्याता के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।


Dinesh Vishnoi 
Biodata
Full NameDinesh Kumar Vishnoi
Date of Birth10 July, 1996
Gudamalani, Barmer, Rajasthan
Father Shri Jagmal Ram Vishnoi (Lecturer)
Education B.Tech (mechanical Engineering)
ProfessionScientist (ISRO)


दिनेश कुमार विश्नोई: शिक्षा 

दिनेश कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर माध्यमिक तक की शिक्षा‌ स. उ. मा. विद्यालय, गुड़ामालानी ग्रहण की। वहीं उच्च माध्यमिक की शिक्षा के लिए दिनेश जोधपुर आ गए और वहां से एक निजी विद्यालय से उच्च माध्यमिक की परीक्षा पास की। 12वीं के बाद दिनेश का चयन बीटेक के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT warngal), वारंगल (तेलंगाना) हो गया। जहां से वो बीटेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) पास आउट हुए।


प्रथम बार असफल होने के बाद निरंतर एक के बाद एक सरकारी नौकरियों में हो रहा है चयन

शिक्षा में बचपन से ही मेधावी रहे दिनेश विश्नोई ने एनआईटी वारंगल, तेलंगाना से मेडिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली IES (Indian Engineering Services) की तैयारी शुरू की। प्रथम प्रयास में वह साक्षात्कार प्रक्रिया तक पहुंचने के बाद असफल रहे। 

अभी IES प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली है और मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं जिसकी परीक्षा 21 नवंबर को होगी।

इससे पहले दिनेश राजस्थान विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा आयोजित परीक्षा में Jen के पद पर सफल हुए हैं। आज 16 अक्टूबर को जारी परिणामों में दिनेश कुमार 256 वीं रैंक से Jen चयनित हुए हैं। हाल ही में दिनेश भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) में वैज्ञानिक बनने में सफल हुए हैं। इसरो में चयनित होने के लिए इन्हें लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के दौर से गुजरना पड़ा जो पूर्णतया टेक्निकल था जिसमें अपने विषय का पूर्ण ज्ञान होने पर इन्हें सफलता मिली। आरपीएससी द्वारा आयोजित Aen परीक्षा का परिणाम 27 नवंबर को जारी हुआ जिसमें वैज्ञानिक दिनेश सम्पूर्ण राजस्थान में 33 वीं रैंक (ARR 33) प्राप्त की है।


सफलता का श्रेय

दिनेश ने अपनी सफलता की श्रेय गुरुजनों, परिवार के सदस्यों व अपने मित्रों को दिया। खास तौर पर उन्होंने अपने पिता व बड़े भाई के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की जिन्हें इनकी काबिलियत पर भरोसा था।


युवाओं को संदेश

सफलता लंबे संघर्ष का परिणाम है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने के लिए युवाओं को उद्देश्य परक (पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए) पढ़ाई के साथ तैयारी में निरंतरता  बनाए रखनी चाहिए।



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