शहादत को सलाम : खूमाराम 22 वर्ष की आयु में भारत-पाक युद्ध 1965 दुश्मनों से लौहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए

शहादत को सलाम : खूमाराम 22 वर्ष की आयु में भारत-पाक युद्ध 1965 दुश्मनों से लौहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए

शहादत को सलाम : खूमाराम 22 वर्ष की आयु में भारत-पाक युद्ध 1965 दुश्मनों से लौहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए



1965 के भारत-पाक युद्द में शहीद होने वाले जोधपुर के भाखरी निवासी खुमाराम बिश्नोई की आज 14 सितंबर को 57 वां शहीदी दिवस‌ है।‌ शहीदी दिवस पर भाखरी गांव में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सामने स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। भाखरी के खुमाराम 22 साल की उम्र में भारत-पाक युद्द में 14 सितंबर 1965 को शहीद हो गए थे। 


19 साल की उम्र में ही सेना में शामिल हुए खुमाराम बिश्नोई

शहीद खूमाराम बिश्नोई का जन्म भाखरी गांव के किसान मुकनाराम के परिवार में हुआ था। 19 वर्ष की आयु में पांचवीं जाट रेजीमेंट में भर्ती हो गए। वो चीन आक्रमण 1962 के समय जम्मू कश्मीर बोर्डर पर तैनात थे।


भारत-पाक युद्ध 1965 में अनेक विरोधियों को समाप्त करने के बाद वीरगति को हुए प्राप्त


भारत-पाक युद्ध के दौरान जाट रेजीमेंट भारत-पाक सीमा पर तैनात थी। भारत पाक युद्ध में रेजीमेंट ने 11जुलाई 1965 को पाकिस्तान के फलोरा शहर पर कब्जा कर लिया। इसी दौरान भाखरी के वीर खुमाराम गोदारा सहित 44 सैनिक मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए जिनमें चार अधिकारी व चार जेसीओ भी थे। वीरगति से पहले जाट रेजीमेंट ने पाकिस्तान के दो सौ सैनिक मारे।


14 सितंबर 2020 को हुआ शहीद स्मारक का अनावरण

भारत-पाक युद्ध 1965 में वीरता का परिचय देते हुए पाकिस्तान के अनेक सैनिक मारने वाले जांबाज खूमाराम की शहीद स्मारक सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजोर ने अपने निजी खर्च पर बनवाया है। जिसका अनावरण 14 सितंबर 2020 में किया गया।

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