आओ हम वन’जीव बचायें | जय खीचड़

वन’जीव बचायें


प्रकृति के उजड़ने से पहले,
आओ हम वन’जीव बचायें।


पंथ श्रेष्ठ का मान बढायें।
अपनी परंपरा आगे बढ़ायें।
देवों की पावन भूमि पर,
वन’जीवों का आसरा बनायें।

अपने अंदर की परंपरा को,
जीव रक्षा का पाठ पढायें।
आओ हम वन’जीव बचायें।



छोटा सा है कुटुम्ब हमारा।
हर आंखों ने स्वप्न संवारा ।
एक चाहता साथ जीव का,
दूजे की चाहत है व्रखां।

स्वप्न महल के परकोटे से,
चलो इन्हें धरती पर बसायें।
आओ हम वन’जीव बचायें।


जीव दया पालणी धरम आधारा।
हर मानुष को पैगाम हमारा।
हम मरे, तो मरे
प्राकृतिक क्षति हमें नहीं गवांरा।

बहुत हुई प्रकृति की क्षति,
चलो ज़रा मानव धर्म निभायें।
आओ हम वन’जीव बचायें।





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