Premsukh Delu IPS: प्रेरक कहानी गरीब किसान के बेटे का पटवारी से आईपीएस तक का सफर

Premsukh Delu IPS: प्रेरक कहानी गरीब किसान के बेटे का पटवारी से आईपीएस तक का सफर



मेहनत के सामने अक्सर कामयाबी घुटने टेक देती है और इंसान जो मुकाम चाहता है उसे हासिल कर सकता है. कुछ लोग मंजिल से पहले ही अन्य विकल्प ढूंढने में लग जाते है और विकल्प मिलने के बाद अक्सर मंजिल भूल जाते हैं.


लेकिन राजस्थान के छोटे से गांव में जन्में इस शख्स ने सीढ़ी दर सीढ़ी सफलता तय की. पटवारी से शुरुआत करने वाले इस शख्स ने IPS तक का सफर तय कर लिया लेकिन अभी मंजिल दूर है. वो IAS बनना चाहते है और वो भी हिंदी माध्यम से परीक्षा देकर. बुलंद हौसले वाले नौजवान का नाम है: प्रेमसुख डेलू (PremSukh Delu IPS) .
सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भी प्रेमसुख डेलू का जलवा है. वो कई संस्थानों में बतौर मोटिवेशनल स्पीकर लेक्चर भी दे चुके है. इसी के साथ रेडिओ और टीवी पर भी इनके इंटरव्यू प्रकाशित हो चुके है. अभी वो गुजरात में तैनात है और रेत माफियाओं को ख़त्म करने के लिए प्रतिबद्ध है.

Premsukh Delu IPS का शुरुआती जीवन एवं पढाई . .
IPS प्रेमसुख डेलू

प्रेमसुख डेलू का जन्म 3 अप्रैल 1988 को राजस्थान के बीकानेर जिले के रासीसर गांव में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ.इनकी शुरुआती शिक्षा गांव के ही सरकारी विद्यालय में हुई. इनके परिवार का आय का स्श्रोत खेतीबाड़ी और पशुपालन था. घर के काम में हाथ बंटाने वाले प्रेमसुख ने समय का सदुपयोग करना बहुत कम उम्र में ही सींख लिया था.

IPS PREMSUKH DELU
IPS प्रेम सुख डेलु माता-पिता के साथ

उन्होंने बारहवीं कक्षा की शिक्षा चौपड़ा स्कूल से तथा बाद में एमए इतिहास की परीक्षा राजकीय डूंगर कॉलेज से पूरी की. अंग्रेजी भाषा में हमेशा से ही तंग रहे क्योंकि उस वक्त में अंग्रेजी की ABCD भी छठवीं कक्षा में आने के बाद सिखने को मिलती थी. इसीलिए उन्होंने हिंदी भाषा को अपना मुख्य हथियार बनाया और उसी भाषा में सब परीक्षाए दी.

प्रतियोगी परीक्षाओं में पास होकर सरकारी नौकरियों की लाइन लगा दी .
प्रेमसुख डेलू (Premsukh Delu IPS) ने कॉलेज की पढाई के दौरान ही प्रतियोगी परीक्षाए देना शुरू कर दिया . कुछ ही समय में उन्होंने सरकारी नौकरीयो की लाइन लगा दी. प्रेमसुख डेलू ने शुरुआत पटवारी परीक्षा में चयनित होकर की .
इसके बाद वो ग्राम-सेवक (पंचायत का प्रशासनिक प्रमुख) के लिए चुन लिए गए लेकिन मंजिल बहुत दूर थी. इसी बीच उन्होंने सरकारी अध्यापक की परीक्षा भी पास कर दी . तृतीय श्रेणी शिक्षक बने प्रेमसुख ने कुछ ही समय में द्वितीय श्रेणी शिक्षक के रूप में भी सफल हो गए.
IPS PREMSUKH DELU


शिक्षक बनने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं के लिए परीक्षाए देना शुरू किया. सहायक जेलर परीक्षा में पुरे राजस्थान में टॉप किया. इसके बाद स्कूल व्याख्याता और वर्ष 2012 में RPSC द्वारा आयोजित सूबे की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) में चयन हुआ. आरएएस परीक्षा में चयन तो हो गया लेकिन वेटिंग के चलते DSP बनने से चूक गए और उन्हें राजस्थान तहसील सेवा से संतोष करना पड़ा. प्रेमसुख डेलु ने नेट जेआरएफ और सेट की परीक्षा में भी सफलता प्राप्त की.

DSP में सेलेक्ट नहीं हुए तो बन गए SP, अब लक्ष्य है IAS बनने का
DSP के लिए एक वेटिंग से रहने का दुख भी था और आईएएस का एग्जाम भी कुछ दिन दूर था. इस समय खुद को संयमित रखते हुए उन्होंने आईएएस परीक्षा 2016 में कामयाबी हासिल की और 170वीं रैंक के साथ DSP शब्द से D को हटा लिया. आज प्रेमसुख डेलु आईपीएस अधिकारी है.

IPS PREMSUKH DELU 
अभी भी प्रेमसुख डेलू नहीं रुके है और वो IAS की तैयारी कर रहे हैं. उनका मानना है कि सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम से वरीयता में प्रथम स्थान हासिल करेंगे.
IPS PREMSUKH DELU

IPS प्रेमसुख डेलु देश की पहली राष्ट्रीय एकता परेड में कमांडर के रूप नेतृत्व कर माननीय प्रधानमंत्री महोदय को सलामी दी



31 अक्टुबर, 2019 को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी नर्मदा, गुजरात में  देश की पहली राष्ट्रीय एकता परेड का नेतृत्व  IPS प्रेमसुख डेलू ने किया।


प्रेमसुख डेलू (Premsukh Delu IPS) का कहना है कि पढ़ाई हमेशा जारी रखें और तब तक पीछे नहीं हटें जब तक कामयाबी हासिल नहीं हों लेकिन उस वक्त जो भी रास्ते में मिलें उन्हें बिलकुल नहीं छोड़ें. विकल्प के तौर पर समझौता नहीं करें और मंजिल तक पहुँचने के लिए पीछे नहीं हटें.



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