जसवंत सिंह बिश्नोई : जीवन परिचय | Jaswant Singh Bishnoi Biography

जसवंत सिंह बिश्नोई : जीवन परिचय | Jaswant Singh Bishnoi Biography


नमस्कार साथियों! Bishnoism.Org पर आपका स्वागत है। हम पिछले दिनों से ब्लॉग पर एक सकारात्मकता वाली श्रंखला के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के जीवन परिचय को आपके सामने रख रहे हैं। इसी श्रंखला की अगली कड़ी में आज की इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको राजनीति के क्षेत्र में विशेष प्रतिमान स्थापित करने वाले जसवंतसिंह बिश्नोई से रूबरू करवा रहे हैं।जसवंतसिंह बिश्नोई से संबंधित रोचक तथ्य से परिपूर्ण इस ब्लॉग पोस्ट को पूरी अवश्य पढ़ें।

जसवंत सिंह बिश्नोई : जीवन परिचय | Jaswant Singh Bishnoi Biography


विश्व में पर्यावरण संरक्षण से जीवन की सुगमता का संदेश देने वाले बिश्नोई समाज के लोगों ने शिक्षा, खेल और राजनीति अपने विशेष योगदान से देश के सामाजिक सांस्कृतिक व आर्थिक उन्नयन के मार्ग को प्रशस्त करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मानव के अधिकारों के साथ वन व वन्य जीवों को आधार प्रदान करने वाले इन्हीं लोगों में से एक है जसवंत सिंह बिश्नोई। जिन्होंने ठेठ देहाती परिवार से निकलकर भारतीय राजनीतिक पटल पर अपने उल्लेखनीय कार्यों की सोंधी सोंधी महक से सभी को प्रभावित किया है।

Jaswant Singh Bishnoi 
Biodata
Full NameJaswant Singh Bishnoi
Date of Birth1 August, 1958
Guda Bishnoiyan, Jodhpur, Rajasthan
ParentsLate Smt. Gawari Devi, Late Shri Mangala Ram Bishnoi
Education
  • Graduation
  • LLB
SpouseSita Devi Bishnoi
Children2 Son and 2 Daughter
MLA  1993-98 (Rajasthan Legislative)
MP
  • 13th Lok Sabha Member
  • 14th Lok Sabha Member
Profession
  • Advocate
  • Agriculturist
  • Businessman

जसवंत सिंह बिश्नोई : संक्षिप्त जीवन परिचय


63 वर्षीय जसवंत सिंह बिश्नोई का जन्म जोधपुर जिले के निकटवर्ती ग्राम गुडा बिश्नोईयान में मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम श्री मंगला राम बिश्नोई व माता का नाम श्रीमती गवरी देवी है। इनकी जीवनसंगिनी का नाम श्रीमती सीतादेवी बिश्नोई है। जसवंत सिंह बिश्नोई के 2 पुत्र व 2 पुत्रियां हैं। 


Jaswant Singh Bishnoi : Education (शिक्षा)


जसवंत सिंह बिश्नोई ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम गुड़ा बिश्नोईयान के राजकीय विद्यालय से ग्रहण की। इसके पश्चात वो उच्च शिक्षा के लिए जोधपुर चले गए जहां जय नारायण विश्वविद्यालय से कला वर्ग में स्नातक करने के पश्चात एलएलबी पास अधिवक्ता बन गए।



 राजनीतिक सफरनामा : जसवंतसिंह बिश्नोई


भारतीय जनता पार्टी वरिष्ठ जसवंत सिंह बिश्नोई के सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1993 से हुई। बीजेपी ने वर्ष 1993 के विधानसभा चुनावों में जसवंतसिंह को मारवाड़ की राजनीति में बड़े खिलाड़ी रामसिंह बिश्नोई 'साब' के विरुद्ध टिकट देकर बिश्नोई वोटरों को साधने का प्रयास किया। लुणी विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर जसवंत सिंह बिश्नोई बीजेपी तुरुप का इक्का साबित हुए उन्होंने इस चुनाव में रामसिंह बिश्नोई को शिकस्त दे दी। नतीजा यह रहा कि भैरोसिंह शेखावत की सरकार में जसवंतसिंह बिश्नोई मंत्रीमंडल सदस्य रहे। उन्होंने वर्ष 1993-98 पर्यावरण और वन, लॉटरी, लघु बचत, राज्य बीमा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विभाग के राज्य मंत्री का दायित्व निर्वहन किया। वर्ष 1999 13वीं लोकसभा के लिए हुए चुनावों में जसवंतसिंह जोधपुर से चुनाव जीते और प्रथम बार लोकसभा में जोधपुर संभाग का प्रतिनिधित्व किया। 13वीं लोकसभा में वो विभिन्न समितियों के सदस्य रहे।

  • 1999-04 तक शहरी और ग्रामीण विकास समिति के सदस्य रहे
  •  2000-04 पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सलाहकार समिति सदस्य
  • 2000-04 संसद के सदस्यों के वेतन व भत्ते पर संयुक्त समिति के सदस्य

  


14 वीं लोकसभा के लिए पुनः जोधपुर से सांसद चुने गए। और विभिन्न समितियों के सदस्यों के रुप में अपनी महत्ती भूमिका निभाई।

  • वित्त समिति, सदस्य
  •  मंत्रालय सलाहकार समिति, सदस्य
  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सदस्य
  • 2 जनवरी, 2006 वक्फ पर संयुक्त संसदीय समिति, सदस्य


इतना ही नहीं बिश्नोई 2014 में केंद्र ऊन विकास बोर्ड भारत सरकार के भी अध्यक्ष रहे। इसके पश्चात वर्ष 2018 में वो पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार में खादी एंव ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष रहे।


सामाजिक और सांस्कृतिक भूमिका 


जसवंतसिंह बिश्नोई ने राजस्थान सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री (1993-98) रहते हुए खेजड़ली के वीर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए अमृता देवी स्मृति पुरस्कार की शुरुआत राजस्थान में करवाई। गोकि वन व वन्य जीवों के संरक्षण के क्षेत्र में दिया जाने वाला वन मंत्रालय राजस्थान द्वारा यह सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। जसवंतसिंह बिश्नोई सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। हाल ही में सामाजिक कुरुति औसर/मृत्यु भोज को बंद करने व शोक सभा/विवाह आदि के अवसर पर अम्ल/पोस्त की मनुहार को बंद करने को लेकर आपने भरसक प्रयास किए। परिणाम स्वरूप गांव-गांव से सर्वसम्मति से औसर/मृत्यु भोज का आयोजन न करने व अम्ल/पोस्त की मनुहार पर पूर्णतः पाबन्दी की लिख-पढ़ की गई। 

  लोकसभा में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत बदलाव को लेकर लोकसभा में अपनी बात रखी। वो राजस्थान में लोगों को ड्रग्स और शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से सक्रिय रूप से प्रयत्नशील है। वर्तमान में जसवंतसिंह बिश्नोई केन्द्र में बिश्नोई समाज को आरक्षण दिलवाने के लिए समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 


सदस्य 

 (i) गोदावन समिति, जोधपुर

(ii) अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा 

 बिश्नोई विभिन्न संगठनों के माध्यम से समाज सेवा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 



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