Success Story: चार बार की असफलता भी नहीं तोड़ पाई हौसला, पांचवें प्रयास में आईपीएस बने सुशील बिश्नोई

IPS Sushil Kumar Bishnoi : चार बार असफल हुए पांचवें प्रयास में बने आईपीएस

IPS Sushil Kumar Bishnoi | आईपीएस सुशील कुमार बिश्नोई


सपने वो नहीं होते जो आप सोने के बाद देखते हैं बल्कि सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते। देश के राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की इस सीख को गाँठ में बाँधकर कैसे साकार किया जाता है यह बीकानेर के सुशील कुमार बिश्नोई से जानिए। सुशील ने पांचवें प्रयास में जिस तरह यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा में 106वीं रैंक हासिल की है वह गौरव उपलब्धि है।


IPS Sushil Kumar Bishnoi Biography | आईपीएस सुशील कुमार बिश्नोई जीवन परिचय

मूलतः जोधपुर जिले के खिदरत गांव से संबंध रखने वाले सुशील बिश्नोई बीकानेर की रामपुरा बस्ती के निवासी है। सुशील कुमार का जन्म मध्यमवर्गीय बिश्नोई परिवार में हुआ। पिता श्री गणपतराम बिश्नोई RAC में हवलदार है जबकि माता शांति देवी ग्रहणी है।

Sushil Kumar Bishnoi 
Biodata
Full NameSushil Kumar Bishnoi
Date of Birth22 September, 1989
Khidrat, Jodhpur, Rajasthan
ParentsSmt. Shanti Devi, Ganpatram Bishnoi (constable)
EducationPhD in Agriculture extension
ProfessionIPS
CadreRajasthan
Rank AIR 106 (CSE 2018)
Hobbies
  • Teaching
  • Agriculture


IPS SUSHIL KUMAR BISHNOI : EDUCATION

सुशील कुमार ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई ननिहाल नगरासर के विद्यालय से प्राप्त की। इसके पश्चात वह बिकानेर आ गए और माध्यमिक तक की शिक्षा यहीं से ग्रहण की। इसके पश्चात कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर से एग्रीकल्चर में स्नातक की।
स्नातक करने के साथ ही सुशील अपने 10वीं कक्षा में देखे आईएएस बनने के ख्वाब को पूरा करने के लिए अथाह मेहनत करने लगे। परन्तु सफलता प्राप्त करने से पूर्व उन्हें चार बार असफलता मिली। असफलताओं को अनुभव की सीढ़ी बनाकर पांचवें प्रयास में सुशील कुमार बिश्नोई 106वीं रैंक से सफल होकर IPS बने।


IPS SUSHIL KUMAR BISHNOI ATTEMPT

पांचवे प्रयास में सुशील कुमार बिश्नोई 106 वीं रैंक से सफल होकर IPS बने। सुशील कुमार प्रथम दो प्रयास में 2014-15 में CSE की प्रीलिम्स की परीक्षा भी पास नहीं कर पाए। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन बार मेंस की परीक्षा क्लीयर भी है परंतु हर बार वो कुछ अंको से पीछे रह ही जाते। यूपीएससी परीक्षार्थियों के प्रयास की सीमा और धैर्य की परीक्षा का लेता है। कुछ लोग इन सालों में बिखर जाते हैं और कुछ लोग निखर जाते हैं। सुशील अपने जुनून और धैर्य को कायम रखते हुए दोगुने मनोबल से निरंतर तैयारी करते रहे। इसी बीच वर्ष 2018 में उनका चयन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में बतौर कृषि वैज्ञानिक के रूप में हो गया। और उन्होंने उत्तराखण्ड के अलमोड़ा में बतोर कृषि वैज्ञानिक सेवाएं देते हुए यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। जिसका परिणाम यह रहा कि पांचवें और आखिरी प्रयास में सुशील कुमार 106 वीं रैंक के साथ  सफल होकर आईपीएस बने।


IPS Sushil Kumar Bishnoi Cadre
आईपीएस सुशील कुमार बिश्नोई को हैदराबाद स्थित नेशनल पुलिस अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात राजस्थान केडर मिला है।



IPS Sushil Kumar Bishnoi Optional Subject
चूंकि सुशील कुमार बिश्नोई ने एग्रीकल्चर विषय पर पीएचडी कर रखी है और साथ ही साथ भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में वो कृषि वैज्ञानिक के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसलिए उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए एग्रीकल्चर को ऑप्शनल विषय के रूप में चुना।


IPS Sushil Kumar Bishnoi's Massage to Youngster

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को लक्ष्य के प्रति निष्ठा, लगन और मेहनत पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए करनी चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा में प्रीलिम्स एग्जाम में टफ कंपटीशन रहता है। यूपीएससी परीक्षार्थियों के प्रयास की सीमा की परीक्षा का लेता है। जो अधिक मनोबल से निरंतर तैयारी करता है वह निश्चित ही सफल होता है।


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